रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में बच्चों ने किया गरबा, शिक्षकों और अभिभावकों ने बढ़ाया उत्साह।
रिपोर्ट: शैलेन्द्र शानू वर्मा
अतर्रा, बांदा। कस्बे के डैफोडिल प्री स्कूल में शनिवार को गरबा उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने छात्र-छात्राओं ने रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में लोक धुनों पर गरबा प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। बच्चों के उत्साह और आकर्षक प्रस्तुतियों से विद्यालय परिसर सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर हो उठा।
विद्यालय प्रशासन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोक कलाओं से परिचित कराना रहा। गरबा की थाप पर बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ नृत्य किया। उनकी लयबद्ध प्रस्तुतियों को देखकर उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने सराहना की।
सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों में विकसित होते हैं संस्कार
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनसे बच्चों में अनुशासन, आपसी सहयोग और एकता की भावना विकसित होती है। साथ ही, मंच पर प्रस्तुति देने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहन मिलता है।
शिक्षकों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य सहित सभी कक्षा शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। शिक्षकों ने गरबा में सहभागिता कर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। नृत्य के दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया। उनकी आकर्षक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
संस्कृति और शिक्षा का संगम
अतर्रा जैसे कस्बे में प्रारंभिक शिक्षा के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देना बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ उनकी छिपी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर भी प्रदान करते हैं।
विद्यालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि बच्चों की प्रतिभा को निखारने और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के प्रयास जारी रहें।





