Breaking News

कानपुर आईटीआई में निर्माण में देरी, 20 माह बाद भी लैब भवन हैंडओवर नहीं

पांडु नगर आईटीआई में 1.92 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना में देरी का आरोप, विद्यार्थियों के प्रशिक्षण पर पड़ रहा असर।

रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा 

कानपुर। सरकारी संस्थानों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करने और तकनीकी शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये की लागत से निर्माण परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। लेकिन कानपुर में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम (यूपीआरआरएन) के तहत कराए जा रहे कुछ निर्माण कार्यों की प्रगति और समयबद्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पांडु नगर स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में निर्माण कार्य पूरा कर भवन हैंडओवर किए जाने में कथित देरी का मामला सामने आया है।

1.92 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजना, लैब भवन का इंतजार

जानकारी के अनुसार, पांडु नगर आईटीआई में नए वर्कशॉप और क्लासरूम के निर्माण के लिए 1.92 करोड़ रुपये से अधिक की लागत का कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को सौंपा गया था। परियोजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, आधुनिक वर्कशॉप और लैब उपलब्ध कराना है, ताकि तकनीकी शिक्षा के साथ उनके कौशल विकास को भी बढ़ावा मिल सके।

आईटीआई के प्रवेश अधिकारी पवन कुमार के अनुसार, निर्माण कार्य से जुड़े करीब 20 माह बीत जाने के बाद भी तैयार लैब रूम और संबंधित भवन संस्थान को हैंडओवर नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

जिलाधिकारी की बैठकों में भी उठा मुद्दा

प्रवेश अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य और भवन हैंडओवर का मुद्दा कई बार जिलाधिकारी की बैठकों में उठाया जा चुका है। उनके मुताबिक, संबंधित बैठकों में निर्माण निगम की ओर से जल्द भवन हैंडओवर करने का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

इस मामले में निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, देरी के कारणों और भवन हैंडओवर की निर्धारित समय-सीमा स्पष्ट होना जरूरी है। हालांकि, परियोजना में देरी के कारणों और निर्माण निगम का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका है।

चकेरी एयरपोर्ट परियोजना भी रही चर्चा में

कानपुर की चकेरी एयरपोर्ट परियोजना के नए सिविल टर्मिनल भवन के निर्माण को लेकर भी पूर्व में देरी और कथित वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित सवाल उठाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इन मुद्दों के बीच निर्माण कार्यों की निगरानी, गुणवत्ता और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर चर्चा हुई थी।

हालांकि, अलग-अलग परियोजनाओं की परिस्थितियां और निर्माण संबंधी तथ्य अलग हो सकते हैं। ऐसे में प्रत्येक मामले में आधिकारिक अभिलेखों, जांच की स्थिति और संबंधित विभाग के पक्ष के आधार पर ही निष्कर्ष निकाला जाना चाहिए।

निर्माण कार्यों की समयबद्ध समीक्षा जरूरी

आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों में वर्कशॉप, क्लासरूम और लैब की उपलब्धता विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण है। यदि निर्माण कार्य पूरा होने के बावजूद भवन समय पर संस्थान को नहीं सौंपे जाते, तो नई सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी हो सकती है।

ऐसे में परियोजना की प्रगति, गुणवत्ता परीक्षण, भुगतान और हैंडओवर की स्थिति की समीक्षा किए जाने की जरूरत है, ताकि सरकारी धन का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो और विद्यार्थियों को निर्धारित सुविधाएं समय पर मिल सकें।

Tags :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search

Advertisment

Consultant

Consultant

Popular Posts

About Us

Contact Us

Krishna sharma – Editor in Chief

Vikas Chauhan (Senior content editor) Grievance Officer

Recent Posts

©2026 – All Right Reserved.