रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल में गर्भवती महिलाओं, मरीजों और तीमारदारों की सुविधा के लिए तीन महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। अस्पताल में जल्द ही एक नया पंजीकरण काउंटर खोला जाएगा। इसके अलावा वार्डों के बाहर मरीजों के परिजनों के बैठने के लिए कॉरिडोर बनाया जा रहा है और बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था भी सुधारी जाएगी।
अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि इन सुविधाओं को इसी वर्ष शुरू कर दिया जाए, जिससे गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को इलाज के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
वार्डों के बाहर बनेगा बैठने के लिए कॉरिडोर
जच्चा-बच्चा अस्पताल की विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला के सहयोग से अस्पताल के प्रथम तल पर वार्डों के बाहर गैलरी में कॉरिडोर बनाया जा रहा है। यहां तीमारदारों के बैठने और आराम करने के लिए कुर्सियों सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
वर्तमान में वार्डों के बाहर और गलियारों में तीमारदारों की भीड़ रहने से आवागमन में परेशानी होती है। इससे गंदगी फैलने के साथ ही जूनियर डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कॉरिडोर बनने से तीमारदारों को बैठने के लिए उचित स्थान मिलेगा और वार्डों के बाहर भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
नया पंजीकरण काउंटर खुलने से मिलेगी राहत
अस्पताल में मरीजों की संख्या को देखते हुए एक अतिरिक्त पंजीकरण काउंटर खोला जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं को पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगने और अधिक समय तक इंतजार करने से राहत मिलने की उम्मीद है।
डॉ. सीमा द्विवेदी के अनुसार, पंजीकरण व्यवस्था में टोकन सुविधा भी शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इससे मरीजों का पंजीकरण व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा और गर्भवती महिलाओं को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
बारिश में जलभराव की समस्या होगी दूर
जच्चा-बच्चा अस्पताल के दूसरे गेट पर बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है। पानी निकलने में काफी समय लगता है और जलभराव समाप्त होने के बाद सड़क पर कीचड़ तथा फिसलन की स्थिति बन जाती है। इससे अस्पताल आने वाली गर्भवती महिलाओं को गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता है।
इस समस्या के समाधान के लिए ड्रेनेज का कार्य जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे बारिश के दिनों में अस्पताल आने-जाने वाले मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि इन तीनों कार्यों के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजे गए थे, जिनमें स्वीकृति मिलने के बाद काम आगे बढ़ाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का लक्ष्य है कि तीनों सुविधाएं इसी वर्ष पूरी कर ली जाएं।
जेएसवाई का लाभ लेने के लिए जरूरी दस्तावेज साथ लाएं गर्भवती महिलाएं
अस्पताल प्रशासन ने गर्भवती महिलाओं से पंजीकरण के समय आवश्यक दस्तावेज साथ लाने की अपील की है। डॉ. सीमा द्विवेदी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं का नाम, पता और अन्य विवरण सही दर्ज होना जरूरी है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।
जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के तहत पात्र महिलाओं को संस्थागत प्रसव के बाद निर्धारित आर्थिक सहायता दी जाती है। दी गई जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव कराने पर 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र में प्रसव कराने पर 1,000 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है।
योजना का लाभ लेने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपना आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आवश्यक दस्तावेज साथ लाने चाहिए। दस्तावेजों में सही जानकारी होने से पंजीकरण और योजना संबंधी प्रक्रिया पूरी करने में आसानी होती है।
अस्पताल में प्रस्तावित नई सुविधाओं से गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। अब इन कार्यों के निर्धारित समय में पूरा होने और सुविधाएं शुरू होने का इंतजार है।





