Vth Digital Desk
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की प्रमुख पहल प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) देश में स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) द्वारा लागू इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गैर-कृषि क्षेत्र के नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में इच्छुक लोगों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
वित्त वर्ष 2014-15 से अब तक PMEGP के तहत करीब 8.12 लाख सूक्ष्म उद्यमियों को 24,398.61 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी (MM) सब्सिडी प्रदान की गई है। योजना के माध्यम से लगभग 73.08 लाख लोगों के लिए टिकाऊ रोजगार के अवसर पैदा होने की जानकारी दी गई है। बैंक ऋण के साथ मिलने वाली सब्सिडी उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने में शुरुआती आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराती है।
PMEGP से लाभान्वित उद्यमियों की सफलता की कहानियां भी सामने आई हैं। हिमाचल प्रदेश के परवाणू में पूजा शर्मा द्वारा शुरू की गई स्किनकांती आयुर्वेद 25 लाख रुपये की परियोजना लागत से शुरू होकर आज 30 करोड़ रुपये के वार्षिक टर्नओवर वाली इकाई बन चुकी है। कंपनी करीब 300 लोगों को रोजगार देती है, जिनमें 95 प्रतिशत महिलाएं हैं।
इसी तरह पंजाब के मोहाली में सुरेंद्र पाल सिंह नागी द्वारा स्थापित M/s Ess Pee Quality Products ने भी उल्लेखनीय विस्तार किया है। 21 लाख रुपये की शुरुआती परियोजना लागत से शुरू हुई यह इकाई अब करीब 38 करोड़ रुपये के कारोबार तक पहुंच चुकी है और लगभग 130 लोगों को रोजगार दे रही है। कंपनी शहद, कुकीज़ और फ्रूट जैम का उत्पादन कर 26 देशों में निर्यात करती है।
इन उदाहरणों से PMEGP के माध्यम से छोटे उद्यमों को रोजगार देने वाले व्यवसायों में बदलने की संभावनाएं सामने आती हैं।





