रिपोर्ट : हरी शंकर शर्मा
कानपुर। परिवहन विभाग से जुड़े चर्चित निलंबन प्रकरण में एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत मिली है। न्यायालय द्वारा निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद आलोक कुमार सिंह ने कानपुर स्थित आरटीओ कार्यालय पहुंचकर दोबारा एआरटीओ प्रशासन का कार्यभार संभाल लिया।
बताया गया कि अगस्त माह में जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरटीओ कार्यालय में अचानक छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद एक दर्जन से अधिक कथित दलालों को पकड़ा गया था। छापेमारी के बाद पूरे मामले की जांच कर जिलाधिकारी की ओर से विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी।
रिपोर्ट के आधार पर शासन ने परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस कार्रवाई में दो लिपिकों के साथ एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार सिंह और एआरटीओ प्रवर्तन सोमलता को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
निलंबन आदेश के खिलाफ आलोक कुमार सिंह ने इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निलंबन आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत के आदेश के बाद उन्होंने कानपुर लौटकर अपने पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया।
कार्यभार संभालने के बाद परिवहन विभाग के प्रशासनिक कामकाज को सामान्य रूप से आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद विभागीय स्तर पर भी गतिविधियां तेज होने की बात सामने आई है।
आरटीओ कार्यालय में हुई छापेमारी और उसके बाद हुई कार्रवाई को लेकर परिवहन विभाग पहले से ही चर्चा में रहा है। अब निलंबन पर न्यायालय की अंतरिम रोक के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। हालांकि, न्यायालय की अंतरिम राहत का अंतिम न्यायिक निर्णय पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आगे की सुनवाई और आदेशों पर निर्भर करेगा।





