नुक्कड़ नाटक और ‘बढ़ते बच्चे’ लघु फिल्म के जरिए बताए बाल विवाह के दुष्परिणाम, करीब 250 लोगों ने लिया हिस्सा
रिपोर्ट: करन ठाकुर
कानपुर। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति पर रोक लगाने और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से कानपुर पुलिस की ओर से मिशन शक्ति फेज-6 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान के आठवें दिन थाना बिठूर क्षेत्र स्थित रामजानकी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के सामाजिक एवं व्यक्तिगत दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में करीब 250 लोगों ने प्रतिभाग किया।
पुलिस आयुक्त कानपुर नगर रघुबीर लाल के निर्देशन तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय संकल्प शर्मा और संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था डॉ. विपिन ताडा के मार्गदर्शन में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी अगुवाई अपर पुलिस उपायुक्त महिला अपराध स्नेहा तिवारी ने की।
नुक्कड़ नाटक और लघु फिल्म से किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह से होने वाले नुकसान को प्रभावी ढंग से समझाया गया। इसके साथ ही महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन (WCSO) द्वारा प्रसारित लघु फिल्म ‘बढ़ते बच्चे’ दिखाई गई। इसके माध्यम से बच्चों के अधिकारों, उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास और सुरक्षित भविष्य के महत्व पर प्रकाश डाला गया।

कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इस तरह की सामाजिक कुरीति को रोकने के लिए जागरूकता और समय पर हस्तक्षेप जरूरी है।
बाल विवाह रोकने में परिवार और समाज की भूमिका अहम
पुलिस टीम ने उपस्थित लोगों से संवाद स्थापित करते हुए बाल विवाह की रोकथाम में परिवार और समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। लोगों से अपील की गई कि वे बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को प्राथमिकता दें तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने के लिए जागरूक नागरिक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
मिशन शक्ति के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में सुरक्षित और समान अवसरों वाला वातावरण तैयार करने के प्रयासों को मजबूत करना रहा।





