रिपोर्ट : हरी शंकर शर्मा
कानपुर। गणेश शंकर विद्यार्थी स्मारक (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की ओर से नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के निर्देशानुसार नवागंतुक एमबीबीएस छात्रों के लिए ‘योग एवं सर्वांगीण विकास’ विषय पर विशेष फाउंडेशन कोर्स सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल छात्रों में अनुशासित जीवनशैली, मानसिक सुदृढ़ता और संवेदनशील चिकित्सकीय व्यक्तित्व का विकास करना रहा।
विभाग की नोडल प्रो. (डॉ.) डॉली रस्तोगी ने बताया कि मेडिकल पाठ्यक्रम की व्यस्तता और अध्ययन के दबाव के बीच योग एवं ध्यान छात्रों को मानसिक तनाव से निपटने में मदद कर सकते हैं। सत्र में तनाव प्रबंधन, समय के बेहतर नियोजन और संतुलित जीवनशैली से जुड़ी तकनीकों की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के स्वस्थ, संयमित और संवेदनशील व्यक्तित्व का निर्माण भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।

कार्यक्रम का मार्गदर्शन जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय काला के नेतृत्व में हुआ। एकेडमिक हेड प्रो. (डॉ.) सुनीति पांडे की देखरेख एवं मार्गदर्शन में फाउंडेशन कोर्स की रूपरेखा तैयार की गई।
शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की नोडल इंचार्ज प्रो. (डॉ.) डॉली रस्तोगी के प्रबंधन एवं नेतृत्व में सत्र संचालित हुआ। प्रशिक्षण एवं सत्र का संचालन प्रो. (डॉ.) अनुपमा गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, फिजियोलॉजी विभाग एवं सर्टिफाइड योग व मेडिटेशन ट्रेनर ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को मेडिकल शिक्षा के आगामी पांच वर्षों के दौरान अध्ययन के साथ मानसिक एवं शारीरिक संतुलन बनाए रखने के लिए योग और ध्यान को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।





