रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के फार्माकोलॉजी विभाग में ड्रग एडिक्शन (नशे की लत) एवं मादक पदार्थों के दुरुपयोग विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज के फार्माकोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. आर.सी. चौरसिया ने विद्यार्थियों को नशे की लत के विभिन्न पहलुओं और इसके दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है असर
व्याख्यान के दौरान डॉ. चौरसिया ने बताया कि ड्रग एडिक्शन एक गंभीर स्वास्थ्य एवं सामाजिक समस्या है। इसका प्रभाव केवल नशे की लत से ग्रसित व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी इससे प्रभावित होते हैं। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कई मामलों में नशे की शुरुआत जिज्ञासा, दोस्तों के दबाव, पारिवारिक माहौल, पढ़ाई से जुड़े तनाव और अन्य परिस्थितियों के कारण हो सकती है। ऐसे में समय रहते जागरूकता, उचित मार्गदर्शन और सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
नशे की लत से ग्रसित लोगों के प्रति अपनाएं संवेदनशील दृष्टिकोण
डॉ. चौरसिया ने नशे की लत से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील एवं सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक जानकारी और जागरूकता के माध्यम से मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के प्रयासों को मजबूत किया जा सकता है। नशे की समस्या से प्रभावित लोगों को उचित सहायता और उपचार के लिए प्रेरित करना भी जरूरी है।
संकाय सदस्य और पीजी विद्यार्थी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के सभी संकाय सदस्य और स्नातकोत्तर (पीजी) विद्यार्थी उपस्थित रहे। अतिथि व्याख्यान का उद्देश्य चिकित्सा विद्यार्थियों में नशे की लत के प्रति वैज्ञानिक समझ विकसित करना तथा मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए जागरूकता को प्रोत्साहित करना था।
इस आयोजन के माध्यम से नशामुक्त समाज के निर्माण में चिकित्सा शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक सहयोग के महत्व को रेखांकित किया गया।





