Breaking News

बांदा में आशा बहुओं ने सौंपा 7 सूत्रीय मांगपत्र, मानदेय बढ़ाने और केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

रिपोर्ट: शानू वर्मा 

बांदा। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा बहुओं और संगिनियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। आशा बहुओं ने मानदेय बढ़ाने, केंद्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत कई मांगों को शासन के समक्ष रखा। मांगें पूरी नहीं होने पर काम बंद कर धरना देने की चेतावनी भी दी गई।

आशा बहुओं का कहना है कि वे लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाने, स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की जानकारी देने और जरूरत के समय एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने में आशा कार्यकर्ता सक्रिय रहती हैं।

24 से बढ़ाकर 30 दिन का मानदेय करने की मांग

ज्ञापन में आशा बहुओं ने वर्तमान मानदेय व्यवस्था में बदलाव करते हुए 24 दिन के स्थान पर 30 दिन का मानदेय दिए जाने की मांग की। इसके साथ ही अन्य विभागों के सुपरवाइजरों के समान वेतन दिए जाने की मांग भी रखी गई।

आशा संगिनियों ने विजिट भत्ते में बढ़ोतरी की मांग करते हुए बताया कि उन्हें करीब 40 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सुपरविजन के लिए 300 रुपये प्रति विजिट मिलते हैं। इसे बढ़ाकर 700 रुपये प्रति विजिट करने अथवा आने-जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कराने की मांग की गई।

केंद्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा और 20 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी

आशा बहुओं ने केंद्रीय स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने के साथ मानदेय में 20 प्रतिशत वार्षिक बढ़ोतरी की मांग भी की। उनका कहना है कि कार्य का बड़ा हिस्सा अब ऑनलाइन माध्यम से मोबाइल के जरिए किया जाता है, लेकिन कई आशा कार्यकर्ताओं को मिले मोबाइल खराब हो चुके हैं। ऐसे में नए मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग की गई।

ज्ञापन में बिना कारण भुगतान में कटौती नहीं करने तथा किसी प्रकार की कटौती किए जाने पर संबंधित आशा या संगिनी को लिखित सूचना देने की मांग भी शामिल है।

मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की सहायता

आशा बहुओं ने मांग की कि किसी आशा कार्यकर्ता या संगिनी की कार्यकाल के दौरान मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। इसके अलावा एकमुश्त समान मानदेय दिए जाने की मांग भी रखी गई।

आशा बहुओं ने मांगपत्र की प्रतियां महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, NHM लखनऊ तथा मुख्यमंत्री को भी भेजने की बात कही। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे काम बंद कर धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी।

Tags :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Search

Advertisment

Consultant

Consultant

Popular Posts

About Us

Contact Us

Krishna sharma – Editor in Chief

Vikas Chauhan (Senior content editor) Grievance Officer

Recent Posts

©2026 – All Right Reserved.