रिपोर्ट: करन ठाकुर
कानपुर। शहर के सोमदत्त प्लाजा के बाहर कथित अवैध वाहन स्टैंड और अतिक्रमण के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सड़क पर वाहनों के खड़े होने और स्टैंड संचालन के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आखिर किसके संरक्षण में कथित अवैध स्टैंड संचालित हो रहा है। सूत्रों के हवाले से यह भी आरोप है कि मार्केट से जुड़े कुछ लोग स्टैंड चला रहे हैं और वाहन चालकों से अवैध रूप से वसूली की जा रही है। जबकि व्यापारिक स्थलों पर भी पार्किंग के नियम है लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं की सड़क पर ही स्टैंड बना दिया जाए।
इन आरोपों के बाद नगर निगम और यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। यदि सड़क पर बिना अनुमति वाहन स्टैंड संचालित हो रहा है और लोगों से अवैध वसूली की जा रही है, तो इसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच सबसे बड़ी चिंता सड़क पर लगने वाले जाम और संभावित दुर्घटनाओं को लेकर है। अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण आपातकालीन वाहनों के आवागमन में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है।
अब प्रशासन के सामने कई सवाल हैं: क्या सोमदत्त प्लाजा के बाहर वाहन स्टैंड को संचालन की अनुमति मिली है? क्या वहां वाहन चालकों से निर्धारित शुल्क लिया जा रहा है या अवैध वसूली हो रही है? और नगर निगम व यातायात पुलिस इस व्यवस्था की जांच कब करेंगे?
मामले में नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। आरोपों की निष्पक्ष जांच और मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना जरूरी है।





