रिपोर्ट: करन ठाकुर
कानपुर। नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और कार्यों में अनियमितता को लेकर मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब गीता नगर वार्ड-37 के पार्षद पवन गुप्ता ने विरोध जताते हुए खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। घटना के दौरान नगर निगम परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार, पार्षद पवन गुप्ता नगर निगम में कथित भ्रष्टाचार और अधिकारियों-कर्मचारियों की कार्यशैली से नाराज थे। इसी के विरोध में उन्होंने आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद वार्ड-79 के पार्षद विकास जायसवाल ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए उन्हें रोक लिया और स्थिति को संभाला।

घटना की सूचना मिलने पर स्वरूप नगर थाने की पुलिस फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने अन्य लोगों की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ देर तक नगर निगम परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली, कथित भ्रष्टाचार और पार्षदों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और पार्षद द्वारा उठाई गई शिकायतों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।





