VTH Digital News Desk
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों और किसानों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि (NDRF) के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता के मानकों में बदलाव करते हुए आपदा में मृत्यु होने पर मिलने वाली सहायता राशि दोगुनी कर दी है। अब मृतक के परिजनों को 4 लाख रुपये के स्थान पर 8 लाख रुपये दिए जाएंगे।
सरकार ने फसल नुकसान, पशुधन की मौत और मकानों के क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली सहायता राशि में भी बढ़ोतरी की है। नए मानक वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक प्रभावी रहेंगे।
फसल नुकसान पर 30 प्रतिशत तक बढ़ा मुआवजा
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने अलग-अलग श्रेणियों में फसल क्षति की सहायता राशि बढ़ाई है।
सिंचित क्षेत्र: 17 हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।वर्षा आधारित क्षेत्र: 8,500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।बागवानी और कृषि वानिकी: 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर।
गन्ने की फसल: 7,500 से बढ़ाकर 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर।
रेशम उत्पादन: निर्धारित श्रेणियों में सहायता राशि बढ़ाकर 7,800 से 9,800 रुपये प्रति हेक्टेयर तक की गई है।
पशुओं की मौत पर भी बढ़ी सहायता राशि
प्राकृतिक आपदा में पशुधन की हानि होने पर भी अब अधिक सहायता मिलेगी।
गाय, भैंस, घोड़े और ऊंट जैसे बड़े पशुओं की मौत पर 40 हजार के स्थान पर 50 हजार रुपये।
बकरी, भेड़ और सूअर की मौत पर 4 हजार के स्थान पर 5,500 रुपये।
भार ढोने वाले पशुओं की क्षति पर 20 हजार के स्थान पर 25,400 रुपये।
मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी 100 के स्थान पर 130 रुपये की सहायता मिलेगी।
10 लाख से अधिक किसानों को लाभ की उम्मीद
राहत आयुक्त हृषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक, प्रदेश में एक अप्रैल से चार नवंबर 2026 तक 10,02,684 किसानों की लगभग 52 लाख 14 हजार हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। संशोधित मानकों के अनुसार पात्र प्रभावित किसानों को सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार ने सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजने और लाभार्थियों की सूची तथा पात्रता का आधार सार्वजनिक करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया है।
इस फैसले से प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे परिवारों और किसानों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।





