रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए संचालित सब्सिडी योजना के तहत ईवी कारों का निर्धारित 25 हजार वाहनों का लक्ष्य पूरा हो गया है। लक्ष्य पूरा होने के बाद सरकार ने ईवी कारों पर दी जाने वाली सब्सिडी योजना समाप्त कर दी है। हालांकि, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर सब्सिडी का लाभ अभी जारी है।
एआरटीओ प्रशासन कहकशां खातून के अनुसार, योजना के तहत ईवी कार खरीदने वाले पात्र उपभोक्ताओं को एक लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही थी। निर्धारित लक्ष्य पूरा होने के बाद ईवी कारों के लिए यह सब्सिडी अब समाप्त कर दी गई है।
2022 में शुरू हुई थी योजना
एआरटीओ प्रशासन के मुताबिक ईवी सब्सिडी योजना 14 अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी। शुरुआती व्यवस्था के तहत 14 अक्टूबर 2022 से 31 मार्च 2025 तक कार्यालय स्तर से स्वीकृति के बाद सब्सिडी की राशि मुख्यालय के माध्यम से आवेदक के खाते में भेजी जाती थी।
इसके बाद अप्रैल 2025 से ईवी वाहन स्वामियों के खातों में सब्सिडी की राशि कार्यालय स्तर से भेजे जाने की व्यवस्था लागू हुई।
कानपुर में 2531 ईवी वाहनों को मिली सब्सिडी
उपलब्ध विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 14 अक्टूबर 2022 से 1 सितंबर 2026 तक कानपुर नगर में कुल 2531 ईवी वाहनों को सब्सिडी दी जा चुकी है।
वहीं, 16 अप्रैल 2025 से 1 सितंबर 2026 के बीच कानपुर में 1569 वाहनों को सब्सिडी का भुगतान किया गया। इनमें 593 दोपहिया वाहनों के लिए ₹29.65 लाख का भुगतान, 976 चौपहिया वाहनों के लिए ₹9.76 करोड़ का भुगतान किया गया।
दोपहिया ईवी पर ₹5 हजार की सब्सिडी
ईवी कारों पर सब्सिडी योजना समाप्त होने के बावजूद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए सब्सिडी का प्रावधान अभी लागू है। दोपहिया ईवी खरीदने वाले पात्र उपभोक्ता को ₹5,000 की सब्सिडी दिए जाने की जानकारी विभाग की ओर से दी गई है।
अब ईवी खरीदारों के लिए क्या बदला?
प्रदेश में ईवी कारों का निर्धारित 25 हजार वाहनों का लक्ष्य पूरा होने के बाद कारों पर सरकारी सब्सिडी बंद हो गई है। ऐसे में अब नई ईवी कार खरीदने वाले उपभोक्ताओं को इस योजना के तहत ₹1 लाख तक की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा, जबकि पात्र इलेक्ट्रिक दोपहिया खरीदारों के लिए ₹5 हजार की सब्सिडी जारी है।





