रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर: बिल्हौर के खरेचा गांव में डेंगू का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निर्देश पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने गांव का दौरा कर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान मेडिकल कैंप, बुखार सर्वेक्षण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने के लिए की जा रही गतिविधियों की समीक्षा की गई।
स्वास्थ्य विभाग की टीम में नोडल अधिकारी (वी बी डी) डॉ. राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह और लैब टेक्नीशियन गणेश शंखवार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल रहे। टीम ने गांव में चल रही स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों का भौतिक निरीक्षण किया और ग्रामीणों को डेंगू समेत मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
मेडिकल कैंप लगाकर की गई जांच
ग्राम खरेचा में विशेष मेडिकल हेल्थ कैंप लगाया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार से पीड़ित लोगों की पहचान के लिए घर-घर सर्वेक्षण और रक्त जांच की व्यवस्था की गई। साथ ही, मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जलभराव वाले स्थानों की पहचान और सोर्स रिडक्शन जैसी निरोधात्मक गतिविधियों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घरों और आसपास पानी जमा न होने दें तथा बुखार होने पर समय से चिकित्सकीय सलाह लें।
कॉपरगंज के दो संदिग्ध मामले दूसरे जिलों के
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कॉपरगंज क्षेत्र में सामने आए डेंगू के दो मामलों का भी सत्यापन किया। जांच में दोनों मरीज दूसरे जिलों के निवासी पाए गए। उनकी जानकारी संबंधित जिलों के स्वास्थ्य विभाग को भेज दी गई है।
हरजिंदर नगर में स्क्रब टाइफस पर कार्रवाई
वहीं, स्वास्थ्य पोर्टल पर हरजिंदर नगर क्षेत्र से स्क्रब टाइफस का एक मामला दर्ज होने के बाद विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक निरोधात्मक और चिकित्सकीय कार्रवाई की।
स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर जनित और अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी तथा जागरूकता गतिविधियां तेज कर दी हैं।





