रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर। दादा नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईआईए भवन में ‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम विभाग की ओर से आयोजित इस क्षेत्रीय क्षमता निर्माण एवं जागरूकता कार्यक्रम में श्रम कानूनों, कानूनी अनुपालन, श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योगपतियों, कंपनियों के प्रतिनिधियों, मानव संसाधन (एचआर), कानूनी विशेषज्ञों और वित्त विशेषज्ञों को नए श्रम कोड, श्रम कानूनों के अनुपालन तथा केंद्र सरकार की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने की। उद्घाटन सत्र में श्रम कानूनों का सही तरीके से पालन करने और उद्योगों से जुड़े सभी हितधारकों को उनके प्रावधानों के प्रति जागरूक बनाने पर जोर दिया गया।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ), उत्तर प्रदेश जोन के अतिरिक्त केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त उदय बख्शी, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-प्रथम शाहिद इकबाल और क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय प्रतीक सिंह सहित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) तथा श्रम कल्याण महानिदेशालय (डीजीएलडब्ल्यू) के प्रतिनिधि मौजूद रहे। केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर विशेष सत्र
कार्यक्रम के दौरान ईपीएफओ कानपुर के क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय प्रतीक सिंह ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ पर विशेष सत्र आयोजित किया। उन्होंने योजना के प्रमुख उद्देश्यों, पात्रता की शर्तों और इसके तहत मिलने वाले लाभों की जानकारी दी।
उन्होंने योजना से संबंधित प्रावधानों को समझाते हुए रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने और उद्योग जगत को सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला।
‘श्रम संवाद’ के माध्यम से उद्योग जगत और सरकारी विभागों के बीच संवाद स्थापित करने के साथ श्रम कानूनों के अनुपालन, श्रमिकों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।





