रिपोर्ट: हरी शंकर शर्मा
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग में बीएससी नर्सिंग के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए लैम्प लाइटिंग एवं शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर के कुलपति प्रो. विनय पाठक तथा विशिष्ट अतिथि 7 एयरफोर्स चिकित्सालय, कानपुर की प्रिंसिपल मैट्रन कर्नल जी. सीमा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
समारोह में अतिथियों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस क्षेत्र में शैक्षणिक ज्ञान और व्यावसायिक कौशल के साथ अनुशासन, नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता तथा मानवीय दृष्टिकोण की विशेष भूमिका होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यावसायिक जीवन में ईमानदारी, सेवा भावना और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अध्यक्षता कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रधानाचार्य प्रो. सुभाष शर्मा ने की
कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्रधानाचार्य प्रो. सुभाष शर्मा ने की। उन्होंने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुशासित वातावरण का लाभ उठाना चाहिए। साथ ही अपने व्यावसायिक ज्ञान, कौशल और व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
इस अवसर पर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लिथिया जोस ने विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम एवं वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद परीक्षा में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर नमिता बत्रा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं सेवाभावी भविष्य की कामना की।
समारोह में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. संतोष कुमार वर्मन, फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रो. डॉ. राहुल देव, मुरारीलाल चेस्ट चिकित्सालय, कानपुर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. सिंह तथा बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. शैलेन्द्र गौतम सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के प्राचार्य एवं डीन प्रो. डॉ. संजय काला रहे। समारोह में विद्यार्थियों को नर्सिंग सेवा के मूल्यों, कर्तव्यों और मानवीय संवेदनशीलता के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया गया।





