रिपोर्ट: शानू वर्मा
बांदा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम बांदा की ओर से पैरामेडिकल कॉलेज में जागरूकता शिविर, नुक्कड़ नाटक और पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मानसिक रोगों से जुड़े भ्रम व भेदभाव को दूर करना रहा।
कार्यक्रम में जिला नोडल अधिकारी एनसीडी डॉ. मुकेश पहाड़ी ने कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए योग-प्राणायाम को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। इसके साथ ही परिवार के साथ समय बिताने और मोबाइल का अनावश्यक उपयोग कम करने की सलाह दी।
मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर बिना संकोच काउंसलिंग करानी चाहिए और विशेषज्ञ से उपचार लेना चाहिए।


क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने मानसिक रोगों के लक्षण, तनाव प्रबंधन और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के उपायों की जानकारी दी। वहीं, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने आत्महत्या रोकथाम पर चर्चा करते हुए जरूरतमंद व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने और उसे भावनात्मक सहयोग देने पर जोर दिया।
साइकियाट्रिक नर्स त्रिभुवन नाथ ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन नंबर 14416 की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन ज्ञान प्रकाश ने किया, जबकि अध्यक्षता पैरामेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष मकबूल अली खान ने की। इस दौरान डायरेक्टर जरीना खातून, प्रधानाचार्या मोना लिसा होरो, डीपीएम बृजेंद्र साहू, सुपरवाइजर मुन्नालाल, अशोक कुमार, वशी खान और आमिर हाशमी मौजूद रहे।
पोस्टर प्रतियोगिता में स्वस्तिका, शालिनी, खुशी, दिव्यांशी, पलक, काजल निषाद, दीपिका और चांदनी सहित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है और परेशानी होने पर समय रहते सहायता लेना चाहिए।





