रिपोर्ट: करन ठाकुर
कानपुर। नकली सीमेंट के कथित कारोबार और सरकारी निर्माण कार्यों में इसके इस्तेमाल की आशंका को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी कानपुर नगर ग्रामीण ने कार्रवाई की मांग उठाई है। जिला अध्यक्ष संदीप शुक्ला के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने कथित नकली सीमेंट सिंडिकेट की जांच कराने और इसके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका उजागर करने की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता और अधिवक्ता
ज्ञापन देने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर करीब 12:30 बजे नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में अधिवक्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के पास एकत्र होकर अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन को देखने के लिए वहां वादकारी और कर्मचारी भी जुटने लगे।
सरकारी निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) परियोजना, विधायक निधि से होने वाले निर्माण कार्यों और अन्य सरकारी योजनाओं में कथित नकली सीमेंट के इस्तेमाल की आशंका जताई। उन्होंने मांग की कि इन निर्माण कार्यों में इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि यदि सरकारी निर्माण कार्यों में नकली सीमेंट का इस्तेमाल हुआ है, तो इससे भविष्य में निर्माण की मजबूती और जनसुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने पनकी स्थित भूखंड संख्या F-181 पर कथित नकली सीमेंट कारखाने का मामला उठाते हुए भूखंड के स्वामित्व और संबंधित लोगों की भूमिका सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने इस मामले में कथित राजनीतिक संरक्षण की भी जांच कराने की बात कही।
कचहरी की मल्टीलेवल पार्किंग की गुणवत्ता पर भी सवाल
प्रदर्शन में शामिल अधिवक्ताओं ने कचहरी परिसर में बनी मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच कराने की मांग की। उन्होंने पार्किंग के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने और ठेकेदार तथा कथित नकली सीमेंट सिंडिकेट के बीच संभावित संबंधों की पड़ताल करने की मांग की।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं ने सीएम ग्रिड परियोजना, विधायक निधि के कार्यों और अन्य सरकारी निर्माण योजनाओं की जांच आईआईटी के विशेषज्ञों से कराने की मांग भी रखी।
पुलिस की भूमिका पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं मदन मोहन शुक्ला, प्राणनाथ मिश्रा और नरेश चंद्र त्रिपाठी ने मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नकली सीमेंट बनाने के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी को जल्द जमानत मिल गई। कांग्रेस नेताओं ने पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका और कथित सिंडिकेट से संभावित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
वहीं, कांग्रेस की लीगल सेल के कानपुर चेयरमैन रमणीक चतुर्वेदी ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में अधिवक्ता समाज दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग जारी रखेगा।
बड़ी संख्या में अधिवक्ता और कांग्रेसजन रहे मौजूद
ज्ञापन देने वालों में प्राणनाथ मिश्रा, मदन मोहन शुक्ला, इखलाक अहमद डेविड, सतीश दीक्षित, नरेश त्रिपाठी, मोहम्मद तुफैल, अनूप द्विवेदी, रमाकांत मिश्रा, रमणीक चतुर्वेदी, सियाराम पाल, सैमुअल लकी, महेंद्र भदौरिया, नीरज शर्मा, आनंद वर्मा, प्रतीक शर्मा, जितेंद्र शुक्ला, ताराचंद रुद्राक्ष, राम नवल कुशवाहा, दिव्यांत बाजपेई, मदन राखरा, वीरेंद्र चतुर्वेदी, चंद्रमौलि बाजपेई, लोकेश श्रीवास्तव, तिलक कुरील, राजेंद्र वाल्मीकि, नरेंद्र चंचल, मदीना बेगम, राजलक्ष्मी, सुमन तिवारी, जियाउरमान अंसारी, रामचंद्र गुप्ता, शिवम पटवा, योगेश यादव, निखिल गुप्ता, रवि पटवा, युवराज सिंह, अरुण अवस्थी, राहुल कठेरिया, अभिषेक पाल, आजाद बौद्ध और वीके सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग है कि कथित नकली सीमेंट कारोबार, सरकारी निर्माण कार्यों में सामग्री की गुणवत्ता और संबंधित लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।





