VTH Digital Desk
नई दिल्ली/कानपुर। डिजिटल मीडिया के तेजी से विस्तार के बीच एक सवाल अक्सर सामने आता है—क्या न्यूज़ पोर्टल, ऑनलाइन न्यूज़ वेबसाइट और डिजिटल न्यूज़ चैनल में काम करने वाले पत्रकार अपने नाम के आगे ‘पत्रकार’ लिख सकते हैं? क्या पत्रकार कहलाने के लिए प्रिंट मीडिया में काम करना या सरकारी प्रेस मान्यता प्राप्त करना जरूरी है? इस विषय पर सरकारी नियमों और पत्रकारिता के वास्तविक कार्य के बीच अंतर समझना जरूरी है।
डिजिटल मीडिया भी समाचार का मान्य माध्यम
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत डिजिटल मीडिया से संबंधित नियम लागू हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 में डिजिटल माध्यमों पर समाचार और समसामयिक विषयों की सामग्री प्रकाशित करने वाले प्रकाशकों के लिए प्रावधान किए गए हैं। इनमें आचार संहिता और शिकायत निवारण व्यवस्था भी शामिल है।सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वेबसाइट पर इससे संबंधित जानकारी उपलब्ध है।
इससे स्पष्ट है कि पत्रकारिता केवल अखबार या टेलीविजन तक सीमित नहीं है। डिजिटल न्यूज़ पोर्टल और ऑनलाइन समाचार माध्यम भी पत्रकारिता के महत्वपूर्ण मंच हैं।
क्या डिजिटल पत्रकार अपने नाम के आगे ‘पत्रकार’ लिख सकते हैं?
यदि कोई व्यक्ति किसी समाचार पोर्टल, डिजिटल न्यूज़ चैनल या समाचार वेबसाइट के लिए वास्तव में रिपोर्टिंग, समाचार संकलन, लेखन, संपादन अथवा वीडियो पत्रकारिता का कार्य करता है, तो वह अपने वास्तविक पेशे और भूमिका के अनुरूप स्वयं को पत्रकार के रूप में परिचित करा सकता है।
हालांकि, केवल सोशल मीडिया पेज बना लेने, किसी पोर्टल का कार्ड बनवा लेने या अपने नाम के आगे ‘पत्रकार’ लिख लेने से सरकारी मान्यता अथवा विशेष कानूनी अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं हो जाते। परिचय वास्तविक कार्य, संस्थान से संबंध और उपलब्ध दस्तावेजों के अनुरूप होना चाहिए।
प्रेस कार्ड और सरकारी मान्यता में क्या अंतर है?
किसी समाचार संस्थान द्वारा जारी पहचान पत्र उस संस्थान से व्यक्ति के संबंध और उसकी भूमिका की पहचान के लिए हो सकता है। लेकिन यह अपने-आप सरकारी प्रेस मान्यता नहीं होता।
भारत सरकार की केंद्रीय मीडिया मान्यता संबंधी गाइडलाइंस, 2022 में डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर और पात्र पत्रकारों के लिए मान्यता से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। इसमें संबंधित संस्थान और पत्रकार के लिए निर्धारित पात्रता शर्तें हैं। इसलिए प्रत्येक डिजिटल पत्रकार को स्वतः सरकारी मान्यता प्राप्त मानना सही नहीं है।
पत्रकारों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
1. जिस संस्थान के लिए काम करते हैं, उसके साथ अपने संबंध और पद की सही जानकारी दें।
2. संस्थान का पहचान पत्र जारी होने पर उसे सरकारी प्रेस कार्ड के रूप में प्रस्तुत न करें, जब तक वास्तव में ऐसी मान्यता प्राप्त न हो।
3. सरकारी अधिकारी या पुलिस से संपर्क करते समय अपनी पहचान और रिपोर्टिंग का उद्देश्य स्पष्ट रखें।
4. समाचार प्रकाशित करते समय तथ्यों की पुष्टि करें और संबंधित पक्ष का जवाब लेने का प्रयास करें।
5. पत्रकार होने के परिचय को किसी अनुचित दबाव, विशेष सुविधा या कानून से ऊपर होने के दावे के रूप में इस्तेमाल न करें।
डिजिटल मीडिया में वास्तविक पत्रकारिता करने वाले व्यक्ति और सरकारी मान्यता प्राप्त पत्रकार की स्थिति को एक जैसा नहीं समझना चाहिए। ‘पत्रकार’ के रूप में पेशेवर परिचय देना और सरकार से औपचारिक प्रेस मान्यता प्राप्त करना अलग-अलग विषय हैं। डिजिटल पत्रकारों के लिए भी मान्यता का प्रावधान है, लेकिन उसके लिए संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों का पालन करना आवश्यक है।
किसी विशेष राज्य में मान्यता, प्रेस कार्ड या सरकारी सुविधाओं से संबंधित प्रश्न होने पर उस राज्य की लागू नीति और संबंधित विभाग के नवीनतम नियमों की अलग से जांच करनी चाहिए।





