VTH Digital News Desk
अयोध्या। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर और अयोध्या को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने पहले रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और संतों पर लाठियां चलवाईं, उन्हें अयोध्या आने से पहले रामभक्तों और संतों से माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह बयान 7 नवंबर को अयोध्या में आयोजित दसवें दीपोत्सव कार्यक्रम के दौरान दिया। उनके इस बयान को अखिलेश यादव के प्रस्तावित राम मंदिर दर्शन कार्यक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है।
रामभक्तों पर गोली चलाने का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय अयोध्या में भगवान श्रीराम का नाम लेने पर भी प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जाती थी। राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलाने और संतों पर लाठीचार्ज की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने पुराने कृत्यों के लिए माफी मांगनी चाहिए।
योगी ने कहा कि अयोध्या आने वाले लोग आएं जरूर, लेकिन पहले रामभक्तों और संतों से माफी मांगकर आएं। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम कृपालु हैं और सभी को क्षमा करते हैं।
अखिलेश यादव के प्रस्तावित अयोध्या दौरे से जुड़ा बयान
यह बयान ऐसे समय आया है जब समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 12 दिसंबर 2026 को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करने की योजना की चर्चा है। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री की टिप्पणी ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
अयोध्या के विकास का भी किया उल्लेख
दीपोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में हुए विकास कार्यों और धार्मिक पर्यटन सुविधाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या को नई पहचान मिली है और यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अब राजनीतिक गलियारों में इस बात पर चर्चा तेज है कि अखिलेश यादव अपने प्रस्तावित अयोध्या दौरे को लेकर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।




